रांची। झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) रबीन्द्रनाथ महतो को रविवार दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती पर रविवार को डॉक्टर जमाल अहमद ने अपनी पुस्तक बाबा-ए-झारखण्ड: शिबू सोरेन दानिश्वरों की नजर में, सौंपा। यह पुस्तक झारखंड की आत्मा और उसके संघर्षों की कहानी है। दानिश्वरों की नजर में दिशोम गुरू शिबू सोरेन के जीवन का वह आईना है बाबा-ए-झारखण्ड, शिबू सोरेन जिसमें झारखण्ड का पूरा इतिहास और उसका गौरव प्रतिबिंबित होता है। पुस्तक की विशिष्टताएं – इस पुस्तक में गुरूजी शिबू सोरेन के संघर्ष की कहानी लिखी गई है। – पुस्तक में उर्दू में प्रथम व्यापक दस्तावेजीकरण किया गया है। यह पहली पुस्तक है जिसने शिबू सोरेन के राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक व्यक्तित्व को उर्दू भाषा के माध्यम से इतने व्यवस्थित और अकादमिक रूप में प्रस्तुत किया है। – पुस्तक में विद्वान, चिकित्सक, अधिवक्ता, राजनीतिज्ञ, समाजसेवियों और युवाओं के लेख शामिल हैं।