एचईसी क्षेत्र में बंद का मिला-जुला असर, 10 वें दिन भी अंश–अंशिका का सुराग नहीं

रांची : राजधानी के एचईसी धुर्वा क्षेत्र मेंअंश–अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर रविवार को बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। बंद का आयोजन मौसीबाड़ी क्षेत्र से अपहृत दोनों बच्चे अंश (५) और अंशिका (४) की प्रशासन की ओर से बरामदगी में विफल होने को लेकर बंद समर्थक सड़क पर उतरकर सुबह में दुकान सहित अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद कराया। वहीं शाम में सभी दुकानें खुल गईं। हालांकि कुछ जगहों पर लोगों ने शाम को भी रविवार होने के कारण अपने प्रतिष्ठानों को स्वतः बंद रखा। समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने मीडिया को बताया कि उन्हें हटिया डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा और धुर्वा थानेदार विमल किंडो ने घर से उठाकर करीब साढ़े छह घंटे तक धुर्वा थाना में डिटेन किया था। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण बच्चों की अबतक बरामदगी नहीं हो पाई है। यादव ने पुलिस के इस व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि समिति शुरुआत से प्रशासन को सहयोग कर रही है, लेकिन ऐसे कदम जनाक्रोश को और बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान धुर्वा बस स्टैंड, जेपी मार्केट, जगन्नाथपुर झोपड़ी मार्केट और सेक्टर-2 बाजार में शांतिमार्च निकालकर जनसमर्थन की अपील की गई। कैलाश ने कहा कि अपहरण के 10 वें दिन भी कोई ठोस सुराग नहीं मिलना प्रशासनिक घोर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लापता होने के साथ दो जनवरी को दी गई शिकायत पर पुलिस तत्परता से कार्रवाई करती, तो हालात इतने गंभीर नहीं होते। उन्होंने ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बच्चों की सकुशल वापसी नहीं हुई तो संपूर्ण रांची बंद का आह्वान किया जाएगा। साथ ही कैलाश ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मानवीय हस्तक्षेप और समिति के प्रतिनिधिमंडल से जल्द वार्ता की मांग की है।

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