पटना। बिहार में न्याय व्यवस्था को और अधिक सशक्त, प्रभावी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 300 नए अभियोजन अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया है, जिसे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस संबंध में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश प्रवक्ता हिमराज राम ने मंगलवार को बयान जारी कर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभियोजन अधिकारियों की संख्या बढ़ने से अदालतों में मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित होगी, जिससे लंबित मामलों के त्वरित निपटारे में मदद मिलेगी। इससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिलेगा और न्याय व्यवस्था में आम जनता का विश्वास और मजबूत होगा। जदयू के एक अन्य प्रदेश प्रवक्ता परिमल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार प्रारंभ से ही कानून का राज और त्वरित न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रही है। पुलिस, अभियोजन और न्यायालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर राज्य की न्यायिक व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। नए अभियोजन अधिकारियों की नियुक्ति इसी नीति का प्रत्यक्ष उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मजबूत अभियोजन व्यवस्था के बिना प्रभावी न्याय की कल्पना नहीं की जा सकती। इस फैसले से न केवल न्यायिक प्रक्रिया सुदृढ़ होगी, बल्कि अपराध नियंत्रण को भी मजबूती मिलेगी। इससे अपराधियों को स्पष्ट संदेश जाएगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। प्रवक्ताओं ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार आगे भी बिहार को न्यायप्रिय, सुरक्षित और सुशासित राज्य बनाने के लिए ऐसे ठोस और प्रभावी कदम लगातार उठाती रहेगी।