झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के लिए आज नतीजों का दिन रहा। नतीजे ने भाजपा को एक बड़ा झटका दिया और महागठबंधन को गले लगाया। पिछले कुछ विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने एक के बाद एक लगातार झटके खाए है, झारखंड भी उस कड़ी में जुड़ गया। बता दें कि झारखंड विधानसभा की 81 सीटों के लिए पांच चरणों में मतदान 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक हुआ था। आज मतगणना का दिन था।
झारखंड विधानसभा की 81 सीटों पर हुए मतदान के परिणाम महागठबंधन के पक्ष में रहे। महागठबंधन ने जहां 47 सीटों पर फतह हासिल कर बहुमत के साथ हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार बनाएगी। जेएमएम ने 30 सीटों पर, कांग्रेस ने 16 सीटों पर और राजद ने 01 सीटों पर फतह हासिल की है। वहीं भाजपा 25 सीटों पर सिमट कर रह गई। आजसू ने 02 सीट, जेविएम ने 03 सीट, एनसीपी ने 01 सीट पर, कम्युनिष्ट पार्टी ने 01 सीट पर और निर्दलीय ने 02 सीट पर जीत दर्ज की।
पूर्वी जमशेदपुर से सरयू राय ने बड़ा उलटफेर करते हुए वहां से मुख्यमंत्री रघुवर दास को पराजित किया। सरयू राय ने बताया कि उन्हें समर्थन राज्य हित के साथ-साथ देश हित में मिला, हम जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे।
जीत के बाद हेमंत सोरेन ने कहा कि मेरे लिए आज का दिन एक संकल्प लेने का दिन है कि मैं राज्य के लोगों और राज्य की आकांक्षाओं को पूरा कर सकूं। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य के मतदाताओं का जनादेश मुझे मिला है, हमारी प्राथमिकता शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ और सुरक्षा रहेगी।
भाजपा के हार के कुछ कारण-
आजसू को साथ लेकर ना चलना
विधानसभा चुनाव क्षेत्रीय मुद्दे पर लड़े जाते हैं, इस पर केन्द्रीय मुद्दा हावी नहीं होता है
मुख्यमंत्री का चेहरा ना बदलना
सरयू राय को टिकट ना देना