रांची : झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने पे निर्धारित करने के मामले में आदेश का अनुपालन नहीं करने पर प्रार्थी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने प्रार्थी को राशि का भुगतान नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने 29 जुलाई को उच्च शिक्षा निदेशक, तकनीकी शिक्षा निदेशक और रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने मौखिक रूप से मंगलवार को रांची के एसएसपी को भी कोर्ट में उपस्थित होने को कहा है, ताकि दोनों को जेल भेजा जा सके। यदि सोमवार तक आदेश का पालन कर दिया जाता है, तो दोनों अधिकारियों को हाजिर होने की जरूरत नहीं है। इस संबंध में उदय कुमार ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। डेढ़ साल पूर्व हाई कोर्ट की एकल पीठ ने प्रार्थी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनका पे निर्धारित करने एवं उन्हें पांचवां एवं छठा वेतन मान देने का आदेश दिया था। लेकिन कोर्ट के इस आदेश का अनुपालन नहीं हुआ था। इसके बाद प्रार्थी की ओर से हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई। अवमानना याचिका में राज्य सरकार की ओर से प्रार्थी को 10 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद कोर्ट ने अप्रैल 2025 में अवमानना याचिका को निष्पादित कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने प्रार्थी को छूट दी थी कि आदेश का अनुपालन नहीं हुआ तो वह फिर से कोर्ट आ सकता है। आदेश का अनुपालन नहीं होने पर प्रार्थी ने दोबारा याचिका दाखिल की। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश का अनुपालन नहीं होने पर उच्च शिक्षा निदेशक, तकनीकी शिक्षा निदेशक एवं आरयू के रजिस्टर को मंगलवार को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया है। प्रार्थी मांडर कॉलेज में गणित विभाग में व्याख्याता पद पर कार्यरत हैं।