भारी बारिश से हुई क्षति का आंकलन करने में जुटी सरकार, सीएम हेमंत सोरेन ने उपायुक्तों से मांगी रिपोर्ट

रांचीः मानसून की पहली बारिश राज्य में को भारी नुकसान पहुंचाया है  . भारी बारिश के कारण जहां खेतों में लगे फसल बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, वहीं दूसरी ओर जानमाल पर भी काफी असर पड़ा है. राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अब तक छह लोगों की जान चली गई हैं.राजधानी सहित राज्य के विभिन्न शहरों में जल जमाव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को झारखंड मंत्रालय में आपदा विभाग की बैठक की, जिसमें स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ इरफान अंसारी और राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी के अलावे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के उपायुक्त शामिल हुए.इस दौरान जिलों के उपायुक्त के साथ बैठक करते हुए सीएम ने राज्य में हो रही भारी बारिश को देखते हुए अधिकारियों को पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के उपायुक्तों से कहा है कि शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल जमाव की समस्या से आम जनमानस को निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाए.उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोकल अथॉरिटीज के साथ समन्वय स्थापित कर जल जमाव की स्थिति को जल्द से जल्द खत्म करने का प्रयास करें और जिलों में इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सड़क, पुल-पुलिया, घर, फसल इत्यादि को हुए नुकसान का आंकलन कर राज्य सरकार को तत्काल रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि प्रभावित लोगों को राहत और मुआवजा देने में किसी तरह का कोई विलंब नहीं हो.  आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा है कि भारी बारिश के कारण हुई क्षति का आंकलन सरकार कर रही है . शुक्रवार की बैठक में मुख्यमंत्री के द्वारा सभी उपायुक्तों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश भी दिया गया है, क्षति का आंकलन होने के बाद एक सप्ताह के अंदर लोगों को मुआवजा देने का काम किया जाएगा.दरअसल है जिलों में स्थापित कंट्रोल रूम को पूर्ण रूप से सक्रिय रखने का निर्देश देते हुए सीएम ने अत्यधिक बारिश को देखते हुए वाटरफॉल, बराज इत्यादि पर्यटन स्थलों में किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए एनडीआरएफ की टीम के साथ-साथ स्थानीय लोगों का भी सहयोग लें और वाटरफॉल में आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षा कर्मी भी तैनात रखें. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया कि शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र जहां जल जमाव की स्थिति है, वहां छिड़काव कार्य करें ताकि इसकी वजह से जो बीमारियां उत्पन्न होती है उसे नियंत्रित किया जा सके. बरसात के मौसम में सर्प दंश के भी ज्यादा मामले आते हैं, ऐसे में सभी जरूरी दवाइयां स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराई जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मानसून की शुरुआत में ही भारी बारिश हो रही है, ऐसे में यह जरूरी है कि बरसात के मौसम में होने वाली समस्याओं से निपटने की पूरी तैयारी पहले से ही रखें. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भारी बारिश के कारण सड़क, पुल, पुलिया से संबंधित जो भी क्षति पहुंची है उसकी शीघ्र मरम्मत हो.

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