आदिवासी अधिकारों से समझौता नहीं, सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष : चंपाई सोरेन

खूंटी । झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने रविवार को दिवंगत सोमा मुण्डा के परिवार से मुलाकात की और शोक-संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने घटना की जानकारी ली और परिजनों को ढांढस बंधाया। मौके पर पत्रकारों से बातचीत में सोरेन ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने घोषणा की कि इस मुद्दे पर सामाजिक बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनजातीय भूमि की लूट की मंशा से काम कर रही है। उन्होंने नगड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी जनजातीय जमीन पर कब्जे की कोशिश हुई थी, लेकिन आंदोलन के चलते जमीन बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि ‘पैसा’ के नाम पर जनजातीय समाज की पारंपरिक व्यवस्था को खतरे में डाला जा रहा है, जिससे उनकी रूढ़िवादी परंपराएं समाप्त होने की आशंका है। इस मौके पर अखिल भारतीय झारखंड पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह झारखंड प्रभारी लाल विजय नाथ शाहदेव ने कहा कि झारखंड में जल, जंगल और जमीन की बात करने वालों की हत्या होना सरकार के लिए गंभीर सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मौके पर प्रमुख छोटराय मुंडा, मुखिया भदवा उरांव, भीम सिंह मुंडा, मनोज कुमार, रुकमिला सारु, जोनिका गुड़िया, लक्ष्मी बखला, महाबीर दास गोस्वामी सहित कई लोग उपस्थित थे।

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