रांची। राज्य में होने वाले नगर निकाय चुनाव इस बार बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएंगे। चुनाव की खास बात यह होगी कि मतदाता एक ही बैलेट बॉक्स में पार्षद और मेयर/अध्यक्ष के लिए वोट डालेंगे। हालांकि, भ्रम से बचने के लिए दो अलग-अलग रंगों के बैलेट पेपर उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से सभी रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत 16 जनवरी को राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में दिनभर चुनाव प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप संचालित कराने की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। आयोग ने सभी जिलों को 50-50 चुनाव चिन्ह जारी कर दिए हैं और नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित करने का निर्देश दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर पर्याप्त संख्या में बैलेट बॉक्स उपलब्ध रहेंगे। बैलेट बॉक्स की रंगाई और मरम्मती का कार्य जिला स्तर पर पूरा कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेयर के लिए पिंक रंग का बैलेट पेपर और वार्ड पार्षद के लिए सफेद रंग का बैलेट पेपर होगा। हालांकि, आयोग के इस फैसले से कि दोनों पदों के लिए वोट एक ही बैलेट बॉक्स में डाले जाएंगे, मतगणना में विलंब की संभावना बढ़ गई है। काउंटिंग के दौरान सभी बैलेट बॉक्स से मेयर और पार्षद के बैलेट पेपर को अलग-अलग छांटना होगा। अलग-अलग रंग होने से छंटाई में सुविधा तो मिलेगी, लेकिन इसके बावजूद परिणाम घोषित होने में स्वाभाविक रूप से अधिक समय लग सकता है। बहरहाल, प्रशिक्षण कार्यक्रम के पूरा होने के बाद इस महीने के अंत तक नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने की संभावना जताई जा रही है। गौरतलब है कि राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव कराने के लिए वार्ड पार्षद और मेयर/अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। प्रशिक्षण के बाद आयोग एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित कर चुनाव की घोषणा की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगा।