पेसा पर कांग्रेस ने तोड़ी चुप्पी, आदिवासी समाज को गुमराह करने का हो रहा प्रयास

रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने भाजपा नेता चम्पाई सोरेन के पेसा संबंधी बयान की आलोचना की है। उन्होंने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि पेसा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी स्वशासन की आत्मा है। कमलेश ने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक शासन किया उनके कार्यकाल में आदिवासियों की न तो जमीन सुरक्षित रही और न जंगल ही बच पाया। आज वही लोग पेसा को लेकर भ्रम फैलाकर आदिवासी समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पेसा नियमावली बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है और आम जनता, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधियों से राय लेकर इसे अंतिम रूप दिया गया है। भाजपा की राजनीति नाच न जाने आंगन टेढ़ा जैसी : सुखदेव सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि भाजपा की राजनीति नाच न जाने आंगन टेढ़ा जैसी है। बिना पेसा को ठीक से पढ़े और समझे, भाजपा नेता धार्मिक और भ्रामक बातें फैलाकर आदिवासी समाज को आपस में लड़वाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में लाखों एकड़ आदिवासी जमीन लैंड बैंक में डालकर पूंजीपतियों को सौंपने की साजिश रची गई। भगत ने सवाल उठाया कि सरना धर्म कोड के मुद्दे पर भाजपा क्यों मौन है, जबकि गठबंधन सरकार ने इसे विधानसभा से पारित कर केंद्र को भेज दिया है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा को आदिवासियों के धर्म, संस्कृति और पहचान से कोई सरोकार नहीं है। विधायक विक्सल कोनगाड़ी ने कहा कि भाजपा ने अपने शासनकाल में 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून से छेड़छाड़ करने का प्रयास किया था और लैंड बैंक के माध्यम से आदिवासियों की जमीन छीनने की नीति अपनाई। मौके पर सांसद कालीचरण मुंडा, विधायक नमन विक्ससल कोनगाड़ी, राकेश सिन्हा, सतीश पौल मुंजनी और जगदीश साहू सहित अन्य उपस्थित थे।

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