नई दिल्ली ; दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर 9 जनवरी की सुबह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के आठ सांसद—डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आज़ाद और डॉ. शर्मिला सरकार—अमित शाह के दफ्तर के बाहर पहुंचे और नारेबाजी की। हालात को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। बढ़ते प्रदर्शन के बीच पुलिस ने महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ’ब्रायन समेत कई हिरासत में ले लिया। यह विरोध प्रदर्शन कोलकाता में होने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली से पहले किया गया, जो पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के कार्यालयों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ थी। गुरुवार को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ED ने I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के ठिकानों पर तलाशी ली, जिसके दौरान कोलकाता में हाई ड्रामा देखने को मिला। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ED अधिकारी तलाशी के दौरान तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी हार्ड डिस्क, अंदरूनी दस्तावेज़ और संवेदनशील संगठनात्मक डेटा जब्त करने की कोशिश कर रहे थे। बनर्जी ने ये आरोप प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास से बाहर आने के बाद लगाए, जहां गुरुवार सुबह से तलाशी चल रही थी। वहीं, ED ने अपने बयान में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तलाशी अभियान के दौरान प्रतीक जैन के घर में घुस गईं और फिजिकल दस्तावेज़ों तथा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सहित ‘अहम सबूत’ अपने साथ ले गईं। एजेंसी ने कहा कि मुख्यमंत्री के बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंचने तक ED की टीम शांतिपूर्ण और पेशेवर तरीके से तलाशी की कार्यवाही कर रही थी। ED के बयान में कहा गया है, “बनर्जी प्रतीक जैन के घर में घुस गईं और फिजिकल डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सहित अहम सबूत ले गईं।”बनर्जी एक पब्लिक सड़क पर I-PAC ऑफिस गईं और केंद्रीय एजेंसी पर पार्टी से जुड़ा डेटा, लैपटॉप, मोबाइल फोन और रणनीतिक डॉक्यूमेंट्स गैर-कानूनी तरीके से जब्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने रेड के दौरान डेटा ट्रांसफर किया, इसे ‘अपराध’ बताया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने की चुनौती दी।मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ‘शरारती’ भी कहा और उन पर दूसरी पार्टियों को डराने के लिए एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।