रांचीः दिशोम गुरू शिबू सोरेन का निधन हो गया. दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली. तबीयत खराब होने के बाद उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था. जहां उनकी तबीयत और भी खराब हो गई. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया. उनके किडनी में इंफेक्शन हो गई थी. उनको ब्रोंकाइटिस भी डिटेक्ट हुआ था. जिसके कारण उनका निधन हो गया. इसकी जानकारी सर गंगाराम अस्पताल में नेफ्रोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. एके भल्ला ने दी.डॉ. एके भल्ला ने बताया कि अधिक उम्र होने व बाईपास सर्जरी होने के चलते रिकवरी में समय लग रहा था. साथ ही वह डायबिटिक भी थे. उनको किडनी और फेफड़े की लंबे समय से बीमारी थी. हाल ही में उन्हें ब्रेन स्ट्रोक भी आया था, इसके चलते उन्हें ठीक होने में समय लग रहा है.बता दें कि शरीर के बाएं हिस्से में ब्रेन स्ट्रोक होने से पैरालाइसिस की शिकायत के बाद वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन को सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. तभी से वह अस्पताल में आईसीयू में वेंटीलेटर पर थे. इसके चलते झारखंड के मुख्यमंत्री और उनके बेटे हेमंत सोरेन करीब एक सप्ताह से दिल्ली में ही रुके हुए थे. शिबू सोरेन का हालचाल लेने के लिए सर गंगाराम अस्पताल में नेताओं का आना-जाना भी लगा हुआ था.शिबू सोरेन की तबीयत खराब होने के बाद उनके बेटे सीएम हेमंत सोरेन और उनकी बहू कल्पना सोरेन भी दिल्ली पहुंची. उनके छोटे बेटे बसंत सोरेन भी दिल्ली में ही मौजूद हैं. बीमारी की सूचना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार भी शिबू सोरेन से मिलने गंगाराम अस्पताल पहुंचे थे.गौरतलब हो कि शिबू सोरेन की झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में अहम भूमिका रही है. अलग राज्य बनने के बाद वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री भी रहे. उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना की थी. वर्तमान में वे पार्टी के संरक्षक की भूमिका में थे. वे सात बार लोकसभा के सांसद भी चुने गए. 2004 में वे मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय कोयला मंत्री भी रहे.