तूतीकोरिन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को तमिलनाडु के तूतीकोरिन में लगभग 4900 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में एयरपोर्ट का नया टर्मिनल, राजमार्ग, बंदरगाह, रेलवे और पावर ट्रांसमिशन से जुड़े कार्य शामिल हैं।जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार आज मेक इन इंडिया और मिशन मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने हाल में संपन्न ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र करते हुए कहा कि उसमें भारत में बने हथियारों की अहम भूमिका रही, जिन्होंने आतंक के ठिकानों को नष्ट किया और आतंक के आकाओं की नींद उड़ा दी।प्रधानमंत्री ने कहा कि चार दिवसीय विदेश यात्रा के बाद उन्हें भगवान श्रीराम की इस पुण्य भूमि पर आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान भारत और इंग्लैंड के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति बनी, जो भारत पर बढ़ते वैश्विक विश्वास और भारत के आत्मबल का प्रतीक है। पीएम मोदी दो दिवसीय तमिलनाडु दौरे पर हैं। तूतीकोरिन में उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा—शर्ट और धोती—में जनसभा को संबोधित किया। रविवार को वे ऐतिहासिक चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की 1000वीं जयंती के कार्यक्रम में भाग लेंगे।हालांकि, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वे अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी ओर से वित्त मंत्री थंगम थेन्नारसु प्रधानमंत्री से मिले।प्रधानमंत्री ने कहा कि 2024 में तमिलनाडु को विकास की नई ऊँचाई पर ले जाने का अभियान शुरू किया गया था और अब राज्य उसका साक्षी बन रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि फरवरी 2023 में इसी स्थान पर उन्होंने पोर्ट का शिलान्यास किया था, और अब एक बार फिर 4800 करोड़ रुपये की योजनाओं की शुरुआत की जा रही है।मोदी ने तमिलनाडु की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह धरती सदियों से भारत की समृद्धि और सामर्थ्य की प्रतीक रही है। उन्होंने बाबू चिदंबरम और कवि सुब्रह्मण्यम भारती के योगदान को भी विशेष रूप से याद किया।