विकास और विरासत को समर्पित था लोकमाता अहिल्याबाई का सुशासन : शिवप्रकाश

रांची : बीजेपी राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होलकर शक्ति और भक्ति का समन्वय थीं. उन्होंने कभी स्वयं को रानी नहीं माना, बल्कि भगवान शिव की सेविका के रूप में राजकाज चलाया. वे शुक्रवार को कार्निवल बैंक्वेट हॉल में पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे.

शिवप्रकाश ने कहा कि अहिल्याबाई की नीतियों में समता और ममता की भावना स्पष्ट दिखाई देती थी. उन्होंने अपने शासनकाल में गरीब कल्याण, किसान कल्याण, जनजाति उत्थान और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी. आज से 300 वर्ष पूर्व उन्होंने जिस सुशासन की स्थापना की, वह उनके न्यायप्रिय और नैतिक नेतृत्व का परिचायक है.यहां तक कि उन्होंने अपने ही पुत्र को दंडित करने का निर्णय लिया, जो एक मिसाल है.

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब विश्व की महिलाएं अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रही थीं, तब भारत में नारियां सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही थीं. रानी अहिल्याबाई न केवल भारत, बल्कि समूची विश्व की नारी शक्ति के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं. उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में नारी शक्ति को राष्ट्र शक्ति के रूप मेंप्रतिष्ठा मिली है.

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में महिलाओं की भूमिका अहम रही है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी सैन्य उपलब्धियां हमारी बेटियों और बहनों के योगदान का परिणाम हैं

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी परंपरा, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से पुनः जुड़ रहा है. अब प्रत्येक नागरिक की उपलब्धि को राष्ट्र की उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है. भारत का सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक विकास अब विश्व को नई दिशा देने में सक्षम है. कार्यक्रम को विधायक सी.पी. सिंह, नवीन जायसवाल और आरती सिंह ने भी संबोधित किया.

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