झारखंड में 26 हजार सहायक आचार्यों की नियुक्ति में देर पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

14 अगस्त तक रिजल्ट न निकला तो अफसरों की होगी पेशी नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड में सहायक आचार्य (शिक्षक) के 26001 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में विलंब पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने निर्देश दिया है कि यदि 14 अगस्त तक सभी विषयों और वर्गों का फाइनल रिजल्ट जारी नहीं किया गया, तो 18 अगस्त को राज्य के मुख्य सचिव, जेएसएससी सचिव, शिक्षा सचिव और शिक्षा उप सचिव को खुद कोर्ट में पेश होना होगा। न्यायालय ने सोमवार को यह निर्देश परिमल कुमार एवं अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि झारखंड सरकार इस बहाली प्रक्रिया को एक माह के भीतर पूरा करे और अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करे। कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि आदेश का पालन नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकर नारायणन और अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कोर्ट को बताया कि कक्षा 6 से 8 तक गणित एवं विज्ञान विषय में 5008 पदों के विरुद्ध मात्र 1661 उम्मीदवारों का रिजल्ट जारी हुआ है, जबकि दस्तावेज़ सत्यापन के लिए 2734 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इनमें से कई अभ्यर्थियों ने पासिंग मार्क्स से अधिक अंक प्राप्त किए थे, फिर भी उन्हें दस्तावेज़ सत्यापन में शामिल नहीं किया गया। इतना ही नहीं, कक्षा 6 से 8 के सोशल साइंस विषय का रिजल्ट अब तक जारी नहीं किया गया है, जबकि कक्षा 1 से 5 तक के सहायक आचार्य पदों का परिणाम भी लंबित है। झारखंड में जेएसएससी ने सहायक आचार्यों के 26,001 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया वर्ष 2023 में शुरू की थी। इसकी परीक्षाएं वर्ष 2023 और 2024 में अलग-अलग चरणों में आयोजित की गई थीं। इस संबंध में झारखंड हाईकोर्ट में एक पीआईएल दाखिल की गई थी, जिसमें पिछले महीने हुई सुनवाई के दौरान जेएसएससी की ओर से बताया गया था कि सितंबर, 2025 तक रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।

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