रांची : झारखंड मुस्लिम युवा मंच और कई अन्य सामाजिक संगठनों की ओर से रविवार को अल्पसंख्यक समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर राजधानी रांची में प्रतिवाद मार्च निकाला गया। यह मार्च लॉ यूनिवर्सिटी, रिंग रोड कांके से कांके बाजार ताड़ चौक तक निकाला गया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का नेतृत्व मुस्लिम युवा मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी ने किया। मार्च का उद्देश्य राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़ी शैक्षणिक और सामाजिक समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। मार्च में करीब 500 लोग शामिल हुए, जिन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं। मंच की ओर से जारी मांग पत्र में चार प्रमुख बिंदुओं पर सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील की गई। इनमें जैक द्वारा जारी आलिम-फाजिल डिग्री की मान्यता रद्द करने के निर्णय पर पुनर्विचार, मदरसा बोर्ड और उर्दू शिक्षा बोर्ड का गठन, 544 उर्दू स्कूलों का स्टेटस बहाल करना, और झारखंड में एंटी मॉब लिंचिंग कानून लागू करना शामिल है। मोहम्मद शाहिद अय्यूबी ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बने 25 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज भी मदरसा बोर्ड और उर्दू शिक्षा बोर्ड का गठन नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो मुस्लिम युवा मंच चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। मंच के महासचिव समीर अली उर्फ मुन्ना ने आरोप लगाया कि सरकार उर्दू भाषा और मुस्लिम शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों से उर्दू के नामपट हटाए गए हैं, स्कूलों के नाम बदले जा रहे हैं और शुक्रवार की छुट्टी समाप्त कर दी गई है, जिससे अल्पसंख्यक बच्चों की शिक्षा और सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो रही है। प्रतिवाद मार्च के अंत में कांके बाजार ताड़ चौक पर सभा का आयोजन किया गया, जहाँ वक्ताओं ने प्रेस और मीडिया के माध्यम से अपनी मांगें सार्वजनिक रूप से रखीं। वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन समाज के हितों की रक्षा और शिक्षा के अधिकार की बहाली के लिए है, जिसका उद्देश्य किसी समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान अधिकारों की प्राप्ति है। इस अवसर पर मंच के नेता तौफीक अंसारी, हसीबुल अंसारी, आफताब अली, हैदर बंटी, शाकिब अंसारी, आबिद हुसैन, गफ्फार अंसारी, अख्तर रजा, तथा ऑल झारखंड एकता मंच के अशफाक खान, मुंतज़िर आलम और एनुअल हक अंसारी सहित कई लोग मौजूद रहे।