पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की कतार में खड़ा करने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है। 2025 से 2030 तक को बिहार के स्वर्णिम भविष्य का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने ‘सात निश्चय-3’ के कार्यक्रमों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि 24 नवंबर 2005 को राज्य में जब से उनकी सरकार बनी तब से न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के सभी वर्ग के लोगों के उत्थान और हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है। नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने पूरे बिहार को अपना परिवार माना है और सबके मान और सम्मान का पूरा ख्याल रखा है। अब राज्य में समाज के हर वर्ग के लोग सम्मान के साथ आसानी से जीवन व्यतीत कर सकें इसे लेकर उन्होंने ने गंभीरता से कार्य प्रारंभ कर दिया है।नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2025 से 2030 के लिए राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ का उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करना तथा उनके जीवन को और भी आसान बनाना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले उनकी कोशिश है कि राज्य के जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को जरूरत के समय उनके घर पर ही अति आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। इसमें नर्सिंग सहायता, घर पर ही पैथोलॉजी जांच , ब्लड प्रेशर, ईसीजी जांच और फिजियोथेरेपी की सुविधा शामिल है। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में सभी प्रकार की चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधित उपरोक्त सभी सुविधाएं उन्हें घर पर ही मिल सकें, इसे लेकर हमलोगों ने स्वास्थ्य विभाग को तेजी से काम करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए और क्या-क्या सुविधाएं दी जा सकती हैं, इसे चिह्नित किया जाना भी आवश्यक है। इस संबंध में अगर कोई विशिष्ट सुझाव देना चाहते हैं तो अपने बहुमूल्य सुझाव दे सकते हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री की ओर से एक स्कैनर भी उपलब्ध कराया गया है।