रांचीः बिहार की तरह झारखंड में भी मतदाता सूची पुनरीक्षण की सुगबुगाहट तेज हो गई है. गुरुवार 10 जुलाई को चुनाव आयोग के निर्देश पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों की बैठक हुई. जिसमें सभी मतदान केंद्रों पर अपने–अपने दल के बूथ लेवल एजेंट यानी बीएलए नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है, जिससे मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.इस मौके पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा कि राजनीतिक दल जिला/ विधानसभा स्तर पर बूथ लेवल एजेंट–1 एवं सभी मतदान केंद्र स्तर पर बूथ लेवल एजेंट– 2 को चयनित करते हुए उनकी सूची संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे. के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के क्रम में एक भी मतदाता छूटे नहीं, इसलिए बीएलए एवं बीएलओ आपस में समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करेंगे. मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के चयनित बीएलए को शर्तों के साथ मतदाताओं के फॉर्म जमा करने, मतदाता सूची के प्रारूप की कॉपी प्राप्त करने आदि कई अधिकार भी दिए गए हैं.मतदाता सूची को पारदर्शी एवं एक भी मतदाता छूटे नहीं इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए बीएलओ की भूमिका के साथ–साथ बीएलए की भी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.राजनीतिक दलों के साथ बैठक करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि राजनीतिक दल बीएलए नियुक्त करते समय इस बात का ध्यान रखें कि संबंधित बीएलए उसी मतदान केंद्र का मतदाता हो. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल बीएलए की सूची संबंधित क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे, इस बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के प्रतिनिधि उपस्थित थे.